सिर्फ मैं तुम्हारा हूँ
आज साथ-साथ खेलते हुए तुमने सारे खिलौने अपनी तरफ समेट लिए।
मैंने कहा, “अरे, मुझे भी तो दो।”
“नहीं, सब मेरा है!” मुँह फुलाकर तुमने कहा। “इस दुनिया में सब मेरा है।”
और फिर खुद ही हँसने लगे।
मैंने भी झूठ-मूठ मुँह फुला लिया।
“सब मेरा है, बाबा,” तुमने फिर ज़ोर देकर कहा।
फिर अचानक मुझसे लिपटकर बोले,
“और सिर्फ मैं तुम्हारा हूँ।”
और मैंने तुम्हें चुपचाप अपनी बाँहों में भर लिया।
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